शंकराचार्य_पीठ न होती तो 2600 वर्ष पूर्व ही हमारे पूर्वज बौद्ध या मुस्लिम बन गए होते।शंकराचार्य जी महाराज पर अभद्र टिप्पणी करने वाले व प्रश्नचिन्ह खड़ा करने वाले अपने कुल को कलंकित व अपने पित्रों को शर्मिंदा कर रहे हैं।
आज से करीब 2600 वर्ष पूर्ण सनातनधर्म समाप्ति के कगार पर था।मन्दिरों को तोड़ा जाता था,टिका लगाने वालों व सनातनधर्म को मानने वालों को अपमानित किया जाता था।लोग सनातनधर्म छोड़ कर तेजी से बौद्ध व मुस्लिम धर्म अपना रहे थे।ऐसे विकट समय मे आदि शंकराचार्य भगवान ने 72 मतों को शास्त्रार्थ में पराजित कर सनातनधर्म की पुनर्स्थापना की।शिव जी के अवतार आदि शंकराचार्य भगवान राष्ट्र व सनातनधर्म के रक्षा हेतु देश के चार कोनो में चार पीठों की स्थापना की और उसपर अपने चार शिष्यों को प्रतिष्ठित किया।और कहा कि इस पीठ पर प्रतिष्ठित होने वाले को मेरा ही स्वरूप समझा जाये।मान्यता है कि कलयुग में भगवान शिव शंकराचार्य के रूप में प्राप्त होंगे।तब से लेकर आजतक जितने शंकराचार्य हुए उन्होंने सनातनधर्म के रक्षा हेतु कार्य किया जिसका ही परिणाम है कि 1000 साल से अधिक मुगलों व अंग्रेजों के शासन में उनके द्वारा सनातनधर्म को नष्ट करने हेतु पूरा जोर लगाने के बावजूद सनातनधर्म बचा हुआ है।
अब आते हैं वर्तमान प्रातः वंदनीय परमाराध्य #ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनंतश्री विभूषित श्रीमद #जगद्गुरु #शंकराचार्य #स्वामिश्री: #अविमुक्तेश्वरानंद: #सरस्वती जी महाराज पर….
पूज्य #ज्योतिष्पीठाधीश्वर #अविमुक्तेश्वरानंद: #सरस्वती जी महाराज #रामसेतु बचा चुके हैं,गवाही देकर #रामजन्मभूमि का फैसला हिंदुओं के पक्ष में करवा चुके हैं,#गंगाजी को राष्ट्रीय नदी घोषित करा चुके हैं,काशी में #गणेशजी के अपमान के विरोध में आयोजित आंदोलन में लाठी तक खा चुके हैं,छत्तीसगढ़ में #भगवाझंडा उतार कर फेके जाने पर छत्तीसगढ़ में घर घर मे झंडा फहरवा दिया,झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में 35 हजार आदिवासियों,वनवासियों,दलितों को वापस सनातनधर्म में ला चुके हैं और आज भी #धर्मांतरण के विरुद्ध छत्तीसगढ़ में व्यापक अभियान चलाए हुए हैं,काशी में जब सैकड़ों #मन्दिरों को तोड़ा गया तो पूरे देश मे एकमात्र पूज्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर जी महाराज ने अकल्पनीय प्रतिकार किया जिसके फलस्वरूप और सैकड़ों मंदिर टूटने से बच गए,अभी फिल्मों व टीवी में सनातनधर्म के विरुद्ध सामग्री परोसे जाने वाले के विरुद्ध #धर्मसेंसरबोर्ड का गठन किया,अभी #जोशीमठआपदा के समय न सिर्फ घर घर जाकर लोगों का दुखदर्द सुनकर ढाढस बधाया बल्कि ज्योतिर्मठ में हजारों जोशीमठ वासियों के खाने रहने सहित अन्य आवश्यक्ताओं की पूर्ति की और सुप्रीमकोर्ट में याचिका दाखिल की और जोशीमठ प्रकरण से पूरे देश को अवगत करा दिया,पूज्य महाराज जी के कृपा से देश मे अनेकों निःशुल्क #वेदविद्यालय,#गौसेवालय,#वृद्धाश्रम,#चिकित्सालय संचालित कराये जाते हैं।और भी सनातनधर्म को पुष्ट करने हेतु अनेकों कार्य किया है जिसका वर्णन सम्भव नही है।
ऐसे शंकराचार्य #ज्योतिष्पीठाधीश्वर #स्वामिश्री: #अविमुक्तेश्वरानंद: #सरस्वती जी महाराज पर सवाल खड़े करने वाले अभद्र टिप्पणी करने वाले कुछ कट्टर हिन्दू व नव सनातनी न सिर्फ अपने कुल को कलंकित कर रहे हैं बल्कि अपने पित्रों को भी शर्मिंदा कर रहे हैं।धिक्कार है ऐसे अधमों को।
श्रीगुरुचरणानुरागी #सजंय_पाण्डेय!!



