🙏 🌺 गुरु शब्दाञ्जलि :११७ 🌺🙏 ज्योंतिष्पीठ के नये शंकराचार्य होंगे श्री श्री स्वामी श्रीः १००८ श्री अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती जी 🌺 🌺 🌺 🌺 🌺 🌺 🌺 🌺 🌺 🌺 🌺 🌺 🌺 🌺 द्रुम दल सब हर्षित होकर संग मस्त पवन लहराते हैं। चटकी हैं कलियां सारी उन पर भंवरे मड़राते हैं।। : जै मेरे मन ईश्वर की ज्योतिष्पीठाधीश्वर की जै जै हो ज्योंतिर्मठ की जै जै अविमुक्तेश्वर की 🙏🙏 प्रमुदित है तन मन सबका खुशियों के ही स्वर छाएं हैं ज्योंतिर्मठ में नव ज्योंति ले अविमुक्तेश्वर आए हैं।। : जै जै हो ज्योंतिर्मठ की ज्योतिष्पीठाधीश्वर की जै जै हो स्वामी श्रीः की जय अविमुक्तेश्वर जी की।। 🌹🌹 नव पल्लव संग नयी उमंगें सुरसरि में भी नयी तरंगे नव प्रभात है नवल गात है तिमिर चीर कर हुआ प्रात है।। : जै जै हो हरि हर की ज्योतिष्पीठाधीश्वर की जै जै हो ज्योंतिर्मठ की जै जै अविमुक्तेश्वर की 🌷🌷 देव लोक से सुर सारे करते नारायण वंदन। अविमुक्तेश्वर का करते हैं हम सब मिलकर अभिनंदन।। : जै जै हो ज्योंतिर्मठ की ज्योतिष्पीठाधीश्वर की जै जै हो स्वामी श्रीः की जय अविमुक्तेश्वर जी की।। 🚩🚩 नारायण नारायण जै जै हरि नारायण उच्च स्वरों में गाएं श्रीमन् भजमन् नारायण।। : जै जै मेरे गुरुवर की ज्योतिष्पीठाधीश्वर की जै जै हो ज्योंतिर्मठ की जै जै अविमुक्तेश्वर की।। 🙏 🙏 स्वामी श्रीः दीक्षित शिष्य मनीष कुमार तिवारी सिराथू कौशांबी उत्तर प्रदेश
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