हिन्दू राष्ट्र का प्रारूप अब तक किसी ने सामने न रखा कि ऐसा होगा उसका स्वरूप तो केवल नामकरण कर देने से क्या लाभ ?
#साधूनां_दर्शनं_पुण्यं_तीर्थभूता_हि_साधवः! #कालेन_फलते_तीर्थं_सद्यः_साधुसमागमः!! अर्थात:-तीर्थ,धाम,मंदिर इत्यादि में किया गया दान,पुण्य व धर्म का फल कालांतर में प्राप्त होता है लेकिन साधु महात्मा के दर्शन के पुण्य का फल अविलम्ब प्राप्त होता है।सच्चे संतजन सचल तीर्थ हैं जिनका दर्शन अनेकों जन्मों में किये पुण्य कर्मों का फल उदित होने पर ही मिलता है। #श्रीगुरुचरणानुरागी #सजंय_पाण्डेय!! copied : fb
मौनी अमावस्या पर मौन स्नान से मन के भी पाप नष्ट हो जाते है – शंकराचार्य स्वामिश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज
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