पूज्यपाद अनन्तश्रीविभूषित उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य ‘स्वामिश्रीः 1008’ अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती जी महाराज की जय हो। दण्डवत प्रणाम। 👏🏼👏🏼👏🏼